शनि को क्यों चढ़ाया जाता है सरसों का तेल?

शनि साढ़ेसाती के उपाय,शनि की ढैय्या,शनि को प्रसन्न करने के उपाय,शनिवार की पूजा,शनि देव को तेल चढ़ाने का महत्व,शनि की टेढ़ी दृष्टि का रहस्य,शनि देव की कहानी,शनि और हनुमान जी,शनि दोष के उपाय
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ज्योतिष शास्त्र में शनि को सबसे क्रूर ग्रह माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या किसी भी व्यक्ति के जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। शनि की टेढ़ी दृष्टि यदि किसी पर पड़ जाए, तो उसका जीवन कठिनाइयों और दुखों से भर जाता है। इसे टालने और शनि देव को प्रसन्न करने के लिए लोग विभिन्न उपाय करते हैं, जैसे शनिवार को सरसों का तेल चढ़ाना या दीपक जलाना।


शनि की टेढ़ी दृष्टि का रहस्य

पौराणिक कथा के अनुसार, शनि देव की पत्नी परम तेजस्विनी थीं। एक बार, पुत्र प्राप्ति की इच्छा से वे शनि देव के पास गईं। लेकिन शनि देव भगवान विष्णु के ध्यान में मग्न थे, जिससे उनकी पत्नी प्रतीक्षा करते-करते क्रोधित हो गईं। क्रोध में आकर उन्होंने शनि देव को शाप दे दिया कि उनकी दृष्टि जिस पर पड़ेगी, वह नष्ट हो जाएगा। इसी कारण, शनि देव की टेढ़ी दृष्टि से बचाव के उपाय किए जाते हैं।


शनि को तेल क्यों चढ़ाते हैं?

पौराणिक कथा के अनुसार, सूर्य देव के कहने पर हनुमान जी शनि देव को समझाने गए। लेकिन शनि देव ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया, जिसके बाद युद्ध छिड़ गया। इस युद्ध में हनुमान जी ने शनि देव को हरा दिया, जिससे शनि बुरी तरह घायल हो गए। हनुमान जी ने उनके घावों को शांत करने के लिए उन्हें सरसों का तेल दिया। शनि देव ने आशीर्वाद दिया कि जो भी उन्हें तेल चढ़ाएगा, उसके कष्ट कम होंगे। तभी से शनि को तेल चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई।


शनिवार को दीपक जलाने का महत्व

शनि अंधकार के प्रतीक माने जाते हैं और सूर्यास्त के बाद उनकी शक्ति और अधिक बढ़ जाती है। ज्योतिष के अनुसार, यदि शनि की दशा खराब हो, तो जीवन में अंधकार छा जाता है। शनिवार की शाम को सरसों के तेल का दीपक जलाने से जीवन के अंधकार का अंत होता है। इसलिए, यह परंपरा है कि शनिवार की शाम को शनि देव को दीपक अर्पित किया जाए।


शनि का रंग काला क्यों है?

शनि देव सूर्य के पुत्र हैं, जिनका जन्म सूर्य और उनकी पत्नी छाया के संयोग से हुआ। जब शनि देव गर्भ में थे, तो सूर्य के तेज को सहन नहीं कर पाए, जिससे उनका रंग काला पड़ गया। इस वजह से सूर्य ने उन्हें अपना पुत्र मानने से इंकार कर दिया। यही कारण है कि शनि और सूर्य के बीच शत्रुता मानी जाती है।


शनि की पूजा का महत्व

ज्योतिष शास्त्र के जानकारों का मानना है कि जो व्यक्ति शनि के रहस्यों को समझकर उनकी पूजा करता है, वह शनि देव की कृपा प्राप्त करता है। शनि देव की कृपा से जीवन की बाधाएं और कष्ट दूर हो सकते हैं।

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